राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित

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शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि निष्ठावान शिक्षक अग्रणी पंक्ति के राष्ट्र निर्माता होते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर देशवासी उनके साथ-साथ पूरे शिक्षक समुदाय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने शिक्षकों का सम्मान करता है, वह वास्तव में प्रगतिशील समाज होता है।

शिक्षकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षकों के बीच आने पर उनके भीतर का शिक्षक और विद्यार्थी दोनों जीवंत हो उठते हैं। उन्होंने अपने शिक्षकों को याद करते हुए कहा कि उनके स्नेह और मार्गदर्शन ने उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। राष्ट्रपति ने ओडिशा के एक स्कूल में अपने अध्यापन के दिनों को भी याद किया और कहा कि उन्होंने अपने विद्यार्थियों से भी बहुत कुछ सीखा है। विद्यार्थियों का प्यार उनके जीवन की बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

राष्ट्रपति ने महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले को आधुनिक भारत में विद्यालय में पढ़ाने वाली पहली शिक्षिका के रूप में जाना जाता है। उन्होंने 19वीं सदी में बालिकाओं की शिक्षा के लिए क्रांतिकारी पहल करते हुए बालिका विद्यालयों की स्थापना की थी। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर उन्हें नमन किया।

उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में रविंद्रनाथ टैगोर और ओडिशा के स्वतंत्रता सेनानी पंडित उत्कलमणि गोपबंधु के योगदान का भी उल्लेख किया। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के बीच विद्यार्थियों के समग्र और सतत विकास की सोच के साथ इन विद्यालयों की स्थापना की गई थी।

राष्ट्रपति ने कहा कि यह खुशी की बात है कि इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वालों में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों की संख्या अधिक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुरस्कार विजेता शिक्षकों की शिक्षण पद्धति, शैली और उपलब्धियां देश के अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा कि समर्पित और निष्ठावान शिक्षक देश के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।

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